REET Mains Syllabus 2026: राजस्थान 3rd ग्रेड टीचर का नया सिलेबस और एग्जाम पैटर्न जारी, यहाँ देखें

REET Mains Syllabus 2026: परीक्षा राजस्थान के सरकारी स्कूलों में कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों की भर्ती के लिए सबसे महत्वपूर्ण चरण मानी जाती है। RSMSSB ने इस भर्ती के लिए नया सिलेबस और एग्जाम पैटर्न जारी कर दिया है। जिस भी उम्मीदवार ने राजस्थान थर्ड ग्रेड लेवल 2 भर्ती 2025 के लिए आवेदन किया है, वह अब अपडेटेड सिलेबस के आधार पर अपनी तैयारी को सही दिशा दे सकता है। यह सिलेबस राजस्थान का भूगोल, इतिहास, संस्कृति, सामान्य ज्ञान, शिक्षा मनोविज्ञान, भाषा विषय, विज्ञान, गणित और सामाजिक अध्ययन जैसे सभी मुख्य क्षेत्रों को कवर करता है।

REET Mains Syllabus 2026 परीक्षा का महत्व

राजस्थान में थर्ड ग्रेड भर्ती का लेवल 2 उन उम्मीदवारों के लिए है जो माध्यमिक स्तर पर यानी कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाने के लिए योग्य बनना चाहते हैं। इस परीक्षा में राज्य से जुड़े विषयों के साथ-साथ शिक्षण पद्धतियाँ, बाल विकास, भाषा दक्षता और विषयनिष्ठ ज्ञान का गहराई से मूल्यांकन किया जाता है। इसलिए इस सिलेबस की समझ परीक्षा में selection पाने के लिए बेहद जरूरी है।

REET Mains Exam Pattern 2025

REET का पेपर कुल 150 प्रश्नों का होता है और अधिकतम 300 अंक निर्धारित हैं। परीक्षा की अवधि 2 घंटे 30 मिनट रहती है। प्रत्येक गलत उत्तर पर 1/3 अंक काटे जाते हैं, इसलिए सटीक उत्तर देना सबसे अधिक ज़रूरी हो जाता है। प्रश्नपत्र में राजस्थान भूगोल-इतिहास, GK, शिक्षा मनोविज्ञान, भाषा विषय और आपकी मुख्य विषय की जानकारी पर आधारित प्रश्न शामिल रहते हैं। अलग-अलग विषयों से प्रश्नों की संख्या इस प्रकार रहती है— राजस्थान भूगोल, इतिहास और संस्कृति से 40 प्रश्न, राजस्थान सामान्य ज्ञान से 25 प्रश्न, शैक्षिक मनोविज्ञान से 26 प्रश्न और भाषा/विषय ज्ञान से 60 प्रश्न पूछे जाते हैं। पूरा पेपर बहुविकल्पीय प्रश्नों वाला होता है।

राजस्थान भूगोल, इतिहास और संस्कृति का सिलेबस

इस खंड में राजस्थान की भौतिक संरचना, जलवायु, मानसून, प्रमुख नदियाँ, झीलें, बांध, मिट्टी के प्रकार, कृषि पैटर्न, ऊर्जा संसाधन, वनस्पति और राष्ट्रीय उद्यानों से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं। यहाँ उम्मीदवारों को प्रदेश की जनजातियाँ, खनिज संपदा, जनसंख्या संरचना, नगरों का विकास और पर्यावरणीय मुद्दों का भी अध्ययन करना होता है। इतिहास में कालीबंगा और आहड़ जैसी सभ्यताएँ, प्रमुख राजवंश, युद्ध, प्रशासनिक व्यवस्था, राजस्थान का स्थापत्य, मेले-त्योहार, धार्मिक परंपराएँ और 1857 के विद्रोह में राजस्थान की भूमिका शामिल रहती है। संस्कृति में लोकनृत्य, लोकदेवता, वस्त्र-आभूषण, चित्रकला, हस्तशिल्प और राजस्थानी साहित्य व बोलियों का विस्तृत अध्ययन किया जाता है।

राजस्थान सामान्य ज्ञान और शिक्षा से जुड़े प्रावधान

इस भाग में राजस्थान सरकार की योजनाएँ, राज्य के प्रतीक, प्रमुख संस्थाएँ, कृषि आधारित उद्योग, पर्यटन स्थल, खेल उपलब्धियाँ और प्रशासनिक ढाँचा शामिल है। यहाँ समसामयिक घटनाओं से प्रश्न अधिक पूछे जाते हैं। इसके साथ-साथ शिक्षा से जुड़े मुद्दे, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, RTE अधिनियम 2009, राजस्थान के RTE नियम 2011, निजी स्कूलों में निःशुल्क प्रवेश जैसी महत्वपूर्ण नीतियाँ भी सिलेबस का हिस्सा हैं। उम्मीदवार को शिक्षा के नए नवाचार, विद्यालय प्रबंधन और छात्र कल्याणकारी योजनाओं की भी अच्छी समझ होनी चाहिए।

भाषा विषय का सिलेबस — हिंदी

हिंदी सिलेबस में वर्णमाला, संज्ञा-सर्वनाम-विशेषण-क्रिया, लिंग, वचन, काल, कारक, संधि, समास, उपसर्ग-प्रत्यय, शब्द शुद्धि, वाक्य शुद्धि, लोकोक्तियाँ, मुहावरे, परिभाषिक शब्दावली, अपठित गद्यांश और पद्यांश पर आधारित प्रश्न शामिल रहते हैं। भाषा कौशल के साथ-साथ व्याकरणिक सुधार और वाक्य विन्यास को भी परखा जाता है।

अंग्रेजी विषय का सिलेबस

English में parts of speech, tenses, voice, narration, clauses, idioms, phrasal verbs, prepositions, one word substitution, synonyms-antonyms, unseen passages और phonetics जैसे टॉपिक शामिल होते हैं। यह हिस्सा उन छात्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है जिनका मुख्य विषय अंग्रेजी है।

संस्कृत विषय का सिलेबस

संस्कृत में संज्ञा, संधि, समास, धातु रूप, शब्द रूप, उपसर्ग, कारक, छन्द, अलंकार, संस्कृत साहित्य का इतिहास, काव्यकार और व्याकरणिक सुधार पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं। हिंदी वाक्यों का संस्कृत अनुवाद भी इस भाग का आवश्यक हिस्सा है।

विज्ञान का विस्तृत सिलेबस

विज्ञान में पदार्थ, परमाणु-अणु, रासायनिक अभिक्रियाएँ, अम्ल-क्षार, धातुएँ, कोशिका, ऊतक, पोषण-श्वसन, रक्त, हार्मोन, रोग, बल-गति, विद्युत, ताप, ध्वनि, प्रकाश, ग्रह-उपग्रह, सौरमंडल और पर्यावरण संरक्षण जैसे व्यापक टॉपिक शामिल होते हैं। यह खंड विद्यार्थियों की वैज्ञानिक समझ और विश्लेषण क्षमता की जाँच करता है।

SST का सिलेबस

SST भाग में प्राचीन सभ्यताएँ, मौर्य व गुप्त युग, सल्तनत-मुगल काल, राष्ट्रीय आंदोलन, भारतीय संविधान, संसद-न्यायपालिका, स्थानीय शासन, अर्थव्यवस्था, कृषि-उद्योग, जलवायु, विश्व भूगोल, वनस्पति, संसाधन वितरण और पर्यावरणीय अवधारणाएँ शामिल होती हैं। यह हिस्सा राजस्थान और भारत दोनों स्तरों पर आधारभूत ज्ञान की आवश्यकता रखता है।

शिक्षण विधियाँ और रीति-विज्ञान

इस विषय में हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, गणित, विज्ञान और सामाजिक अध्ययन की शिक्षण-पद्धतियाँ पढ़ाई जाती हैं। उम्मीदवार को यह समझना होता है कि बच्चे कैसे सीखते हैं, सीखने में क्या चुनौतियाँ आती हैं और किस प्रकार की शिक्षण सामग्री प्रभावी होती है। मूल्यांकन विधियाँ, उपचारात्मक शिक्षण और निरंतर मूल्यांकन भी इस खंड का महत्वपूर्ण भाग हैं।

शैक्षणिक मनोविज्ञान

शैक्षिक मनोविज्ञान में बाल विकास, व्यक्तित्व, बुद्धि, अधिगम सिद्धांत, प्रेरणा, व्यवहार, विविध अधिगमकर्ता, विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थी, अधिगम कठिनाइयाँ और शिक्षक की भूमिका से जुड़े सिद्धांत शामिल रहते हैं। यह भाग भविष्य के शिक्षकों के लिए अत्यंत आवश्यक है क्योंकि इससे उन्हें कक्षा प्रबंधन और छात्र व्यवहार समझने में मदद मिलती है।

सूचना प्रौद्योगिकी सिलेबस

इस खंड में कंप्यूटर के मूल तत्व, डेटा प्रबंधन, इंटरनेट, डिजिटल टूल, तकनीकी संसाधनों के प्रकार और ICT के सामाजिक-शैक्षिक उपयोग शामिल होते हैं।

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